Railway line: 7 राज्यों को मिलेगी 900 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन, 510 गांवों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

Railway line: बैठक में कैबिनेट ने आठ रेल परियोजनाओं को भी मंजूरी दी। इस संबंध में सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि परियोजनाएं ऐसे इलाकों में बनाई जाएंगी जो पहले से ही रेल संपर्क से अछूते हैं और इनके जरिए परिवहन नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा और आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।Railway line
ये आठ परियोजनाएं सात राज्यों ओडिशा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, झारखंड, बिहार, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के 14 जिलों को कवर करेंगी और रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में 900 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी। इनमें 64 नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। इनसे 510 गांवों और 40 लाख आबादी को फायदा होगा।Railway News

अजंता की गुफाएं भी रेलवे से जुड़ेंगी
इन परियोजनाओं के पूरा होने से यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल अजंता की गुफाएं भी रेलवे से जुड़ जाएंगी, जिससे यहां पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। 32.2 करोड़ लीटर तेल आयात में कमी आएगी जबकि कार्बन उत्सर्जन में 0.87 मिलियन टन की कमी आएगी। यह 3.5 करोड़ पेड़ों को बचाने के बराबर है।Railway News
आठ रेलवे लाइनों में से चार, गुनुपुर-थेरुबली (नई लाइन), जूनागढ़-नबरंगपुर, बादामपहाड़-कंडुझारगढ़, बंगरीपोसी-गोरुमहिसानी ओडिशा में हैं, एक मलकानगिरी-पांडुरंगपुरम तीन राज्यों, ओडिशा, आंध्र और तेलंगाना में फैली हुई है। जबकि बरुमारा और चाकुलिया लाइन झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बनेगी।Railway News

अन्य दो लाइनें जालना-जलगांव महाराष्ट्र में हैं जबकि विक्रमशिला-कटारिया बिहार में हैं। नई रेलवे लाइन परियोजना से रोजगार पैदा होगा इस अवसर पर, प्रधान मंत्री मोदी ने कहा है कि आठ नई रेलवे लाइन परियोजनाओं को मंजूरी मिलने से कनेक्टिविटी से संबंधित बुनियादी ढांचे को बढ़ावा मिलेगा।Railway line

यह वाणिज्य और कनेक्टिविटी के लिए बहुत अच्छी खबर है और इससे रोजगार सृजन भी बढ़ेगा। प्रधानमंत्री जी-वन योजना में संशोधन से आत्मनिर्भरता की दिशा में हमारे प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।











